IPL में फॉरेन प्लेयर्स के शामिल होने पर लगा ग्रहण, जाने क्या हैं वजह

खेलकुद

आईपीएल-2020 में विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. सरकार ने कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए नए वीजा प्रतिबंधों का आदेश दिया है. हालांकि दूसरी तरफ बीसीसीआई ने कहा है कि वह स्थति पर नजर बनाए हुए है. आईपीएल के 13वें सीजन की शुरुआत में अब कुछ ही दिन बचे हैं.

सरकार ने देश में कोरोनो वायरस के नए मामलों के मद्देनजर 15 अप्रैल तक राजनयिक और रोजगार जैसी कुछ श्रेणियों को छोड़कर सभी मौजूदा विदेशी वीजा पर प्रतिबंध के साथ नई एडवाइजरी जारी की है. जबकि बीसीसीआई अगले दो दिनों तक इंतजार करेगा और इसके बाद ही इस साल आईपीएल के बार में अपनी स्थिति स्पष्ट करेगा.

बोर्ड के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने पीटीआई से कहा, ‘कृपया हमें दो दिन दें. फिलहाल आपको ठोस जानकारी देना संभव नहीं है.’ भारत में कोरोना वायरस के 60 मामले सामने आए हैं, जिसके कारण वैश्विक स्तर पर 4,000 से अधिक मौतें हुई हैं.29 मार्च से आईपीएल के मुकाबले शुरू होने हैं. खाली स्टेडियमों में मैच खेला जाना एक विकल्प है, लेकिन इस पर निर्णय 14 मार्च को मुंबई में होने वाली लीग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में लिया जाएगा.

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने भी कहा है कि इन हालात में आईपीएल को लेकर राज्य सरकार को बड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं. टोपे ने कहा कि राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति को देखते हुए सरकार के पास दो ही विकल्प हैं – आईपीएल मैचों को स्थगित करना या फिर उन्हें टीवी दर्शकों तक सीमित रखना.

इससे प्रसारकों को विज्ञापन के पैसे खोने से बचाया जा सकेगा, क्योंकि मैचों का बीमा किया जाता है. जिसका अर्थ है कि बीसीसीआई और फ्रेंचाइजी दोनों ही अपने निवेश का बड़ा हिस्सा बचा पाएंगे.आईपीएल के लिए करीब 60 विदेशी खिलाड़ियों को भारत आना है. बोर्ड ने कहा कि अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि इन खिलाड़ियों के वीजा रद्द किए गए हैं या नहीं. उधर, गुरुवार को मद्रास उच्च न्यायालय में भी जनहित याचिका पर सुनवाई होने वाली है.

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